मछली पालन के लिए जरुरी बातें

मछली पालन के लिए कुछ पैरामीटर्स होते हैं जिन्हें हर मछली पालक को पता होना चाहिए। अगर आप मछली पालन कर रहे हैं, तो ऐसी बेसिक नॉलेज आपके पास होनी ही चाहिए। आज के इस टॉपिक में हम बात करने वाले हैं। मछली पालन के लिए कुछ अनिवार्य बातें तो फ्रेंड्स स्वागत है, आपका आपके अपने Blog Pvraqua पर, तो शुरू करते हैं।

ऐसे बहुत से Fish Farmers हैं, जो मछली पालन कर रहे हैं, और उनके पास बेसिक चीजें जैसे- वाटर टेस्टिंग किट, Ph मीटर, DO ऑक्सीजन  Kit, थर्मामीटर आदि चीजें नहीं हैं। उनकी मछलियों में प्रॉब्लम होती है, मछली की मृत्यु दर बढ़ जाती है।

फिर वह किसी से पूछते हैं, कि ऐसा क्यों हो रहा है। इसकी क्या वजह है? तो एक्सपर्ट उनसे पूछता है कि पानी का Ph कितना है, DO क्या है, टेंपरेचर कितना है, तो वह कुछ बता नहीं पाते क्योंकि उनको इस बारे में पता ही नहीं है उनको बेसिक नॉलेज ही नहीं है, और ना ही उनके पास यह सब सामान ही मौजूद है।

तो मेरी आप सब से रिक्वेस्ट है जो भी मछली पालन कर रहे हैं तो उनके पास यह बेसिक  जानकारी के साथ-साथ यह बेसिक  kits  का भी होना बहुत जरूरी है आज हम इन्हीं सब को लेकर कुछ टॉपिक पर बात करेंगे

जैसा कि आप जानते हैं कि पानी कहीं पर भरा हुआ है फिर  वाष्पोत्सर्जन के जरिए भाग में बदलकर बादल बनता है फिर वह बादल पुनः  पानी के रूप में  बरस जाता है। मतलब कि पानी भाफ बन कर फिर धरती पर बारिश के रूप में आ गया यह cycle चलती रहती है।

कार्बन हर जगह पर पाया जाता है, यह दो रूपों में होता है- फोटोसिंथेसिस  और रेपुटेशन  जैसा कि पेड़ पौधे CO2 लेते हैं और  ऑक्सीजन छोड़ते हैं। उसी प्रकार मनुष्य ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन    डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।  हमारी Fish, feed और ऑक्सीजन लेती हैं तथा CO2 और अमोनिया छोड़ती हैं। यह पूरी कार्बन cycle होती है।

हमारे वायुमंडल में लगभग 78% नाइट्रोजन है इसमें हमें यह जानना है कि नाइट्रोजन का अमोनिफिकेशन कैसे हो रहा है इसके बाद में नाइट्रिफिकेशन से नाइट्राइट बनता है। इसके बाद ऑक्सीकरण की प्रक्रिया से दोबारा नाइट्रोजन बन जाता है तो इन सब के बारे में आपको अच्छे से पढ़ना और जानना बहुत जरूरी है।

जो भी फिश फार्मिंग करना चाहता है या कर रहा है उसे यह पता होना चाहिए कि  उनके पौंड के bottom मैं अमोनिया कैसे बनता है। यह पता होना चाहिए कि  कब कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा या कम है कब ऑक्सीकरण या  नाइट्रीकरण कराना है।

यह दोनों हमारे नॉर्मल Aquaculture में जरूरी भूमिका अदा नहीं करते हैं। लेकिन अगर हमारी हेचरी है,  जहाँ हमारी ब्रीडिंग पूल्स हैं, वहाँ पर इनकी बहुत जरूरत होती है। अगर कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा है तो हमारे जो स्पोर्ट्स हैं वह सही से डिवेलप नहीं हो पाते हैं अगर अल्कलिनिटी को देखें तो fry size  मछली  या उससे भी छोटे होते हैं तो उनका सर्वाइवल रेट कम आता है आपने नोटिस किया होगा अगर आप का सीड कोलकाता वगैरह से नॉर्थ इंडिया में आता है तो शुरुआत में मृत्यु दर बहुत अधिक रहती है इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वहां पर अल्कलिनिटी बहुत कम है और हमारे यहां बहुत अधिक

टेंपरेचर Aquaculture के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है तापमान की माप के लिए हमारे पास थर्मामीटर होना चाहिए जिसके द्वारा हम समय-समय पर अपने तालाब या पाउंड का आप चेक कर सके मछली पालन के लिए पानी का टेंपरेचर 20 डिग्री से 28 डिग्री होना चाहिए इससे कम या ज्यादा टेंपरेचर fish  की मेटाबॉलिज्म  के लिए अच्छा नहीं होता है

अगर हम पीएच लेवल की बात करें तो 7:00 से 9:00 तक अच्छा माना जाता है अगर पीएच 9.5 से अधिक है तब यह मछलियों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है इसकी बॉडी  का ph4 से 4.5  होता है। अगर पीएच को देखें तो बॉडी से वाटर का पीएच अधिक होना चाहिए पानी का पीएच अगर कम है तो उसमें चूना मिलाया जाता है अगर अधिक है तो उसमें जिप्सम मिलाते हैं।

फीडिंग फिश फार्मिंग में बहुत अहम भूमिका निभाता है सिडको 4 कैटेगरी में बांटना चाहिए 1 एमएम 2 एमएम 3 एमएम 4 एमएम जैसे-जैसे फेस का साइज बढ़ता है फिर का साइज भी बढ़ाना चाहिए सीट कितना कब और किस मात्रा में देना चाहिए इसके लिए आपको डिटेल में अगले टॉपिक में जानने को मिलेगा।

इसका मतलब   साल्ट का कितना कंपोजीशन पानी में है अगर हम  महीने में एक बार नमक मिला दें तो तालाब में फंगल इन्फेक्शन को रोका जा सकता है हमें इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

ऐसी जानकारी जिससे आप अपनी मछली को बीमारियों से बचाकर लाखों कमा सकते हैं

मछली पालन में कुछ ऐसी जानकारी आपको होनी चाहिए जिससे आप अपनी मछलियों को बीमारियों से बचा सके। मछलियों को समय-समय पर एग्जामिन करने की जरूरत होती है, जिससे कि उनको कोई बीमारी या किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो उसका समय रहते पता लग जाए जिससे हम मछली पालन में भारी नुकसान से बच सकें।
 हेलो फ्रेंड्स स्वागत है आपका आपने Blog Pvraqua पर। आज के Topic में हम जानेंगे ऐसी जानकारी जिससे आप अपनी मछलियों को बीमारियों से बचा कर लाखों कमा सकते हैं

Pre Medical Test

प्री मेडिकल टेस्ट दोस्तों कई बार आपने देखा होगा की यदि कोई मरीज डॉक्टर के पास दवाई लेने जाता है तो डॉक्टर उसे प्रिसक्रिप्शन लिखने से पहले उस मरीज के टेस्ट करवाता है, उन मेडिकल टेस्ट के आधार पर उस मरीज को दवाई देता है। उसी प्रकार हम मछलियों के साथ भी करेंगे। आपने कई बार नोटिस किया होगा लोग शिकायत करते हैं कि उनकी मछली खाना नहीं खा रही है, या उसकी स्किन में कोई प्रॉब्लम है, उनका रंग पीला हो गया है आदि यह सब समस्याएं आती हैं उसके लिए प्री मेडिकल टेस्ट जरूरी है। उसे हमें यह पता लगता है कि मछली को क्या समस्या है।
अगर आपको लगता है कि आपकी मछली में कोई बीमारी है, तो सबसे पहले कुछ पैरामीटर्स आपको जांच लेने चाहिए और उसके बाद उन परमीटर्स की रिपोर्ट एक्सपर्ट के साथ शेयर करनी चाहिए। जिससे एक्सपर्ट सही बीमारी पकड़ कर इलाज कर सके।
अमोनिया
नाइट्रेट
नाइट्राइट
dissolved oxygen
pH
Temperature
आपको इन water parameters की जांच करनी चाहिए।
अब अगर आप बायोफ्लोक में मछली पालन कर रहे हैं तो आपको कोई समस्या आ रही है, तब आपको कार्बन तथा नाइट्रोजन का रेशियो कितना है। कार्बन का सोर्स क्या है, मोलसिस है या जैग्री है। साथ मे कॅल्शियम, मग्निसियम तथा फास्फोरस का रशियो क्या है। फ्लॉक् density क्या है। अगर ये सभी जानकारी आप अपने एक्सपर्ट के साथ शेयर करेंगे तो निश्चित ही आपको समस्य्यों से छुटकारा मिल जाएगा। इससे आप मछली पालन के क्षेत्र में अच्छा मुनाफा भी उठा पायेंगे।
उम्मीद करते हैं आपको ये जानकारी पसंद आई होगी। धन्यवाद्। इसी जानकारी को वीडियो के रूप में देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

अगर आप फिश फार्मिंग में नुकसान नहीं चाहते तो इन प्रोडक्ट के बारे में जान लो

फिश फार्मिंग में कुछ बेसिक बीमारियों के लिए कुछ बेसिक मेडिसिन जरूरी होती है, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। क्योंकि हमारे मछली पालन किसान को दवाइयों के बारे में जानकारी नहीं होती फिर अगर उनकी मछलियां बीमार पड़ती हैं तो उन्हें इस बात का पता नहीं होता कि क्या बीमारी है कौन सी दवाई देनी चाहिए इससे उनको काफी नुकसान भी उठाना पड़ जाता है।
    नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग Pvraqua. पर। आज के इस टॉपिक में हम जानेंगे कि फिश फार्मिंग में नुकसान नहीं चाहते तो कौन से प्रोडक्ट के बारे में जानना जरूरी है
अगर आप दवाइयों के इस्तेमाल के बारे में जानेंगे तो इससे फायदा यह होगा कि आपकी मछली की मृत्यु दर कम होगी, FCR बढ़ेगा, प्रॉफिट अच्छा मिलेगा। हम लोग एक एक करके प्रोडक्ट के बारे में जानेंगे।

1. Liv 52-

यह हिमालय कंपनी का प्रोडक्ट है यह मछली के लीवर के फंक्शनैलिटी को इंप्रूव करता है। इससे FCR बढ़ता है और डाइजेशन अच्छा रहता है। सामान्यता हम इसे 10ml/kg Of Feed इस्तेमाल करते हैं। अगर आपकी फेस छोटी है तो हफ्ते में दो बार और बड़ी मछली को हफ्ते में एक बार अपनी Catfish को दें। इससे रिजल्ट बहुत अच्छे मिलेंगे और FCR  बहुत अच्छा आएगा।

2. Himalaya HIM – C

यह नेचुरल इम्यून बूस्टर और ऑक्सीडेंट है। यह मछली को स्ट्रेस फ्री रखता है। अगर हम Intensive Fish Farming करते हैं मतलब की 1 एकड़ में 15-20 हजार मछलियां पालते हैं, तो हमें मछली को Extra विटामिन सी देना पड़ता है। 1gm/kg feed/ week . यह कैटफिश के लिए बहुत आवश्यक है।

3. Yeast Probiotics

Yeast हमारा Probiotics होता है। यह मछली की पाचन क्रिया को बढ़ा देता है। जिससे कि Fish की Growth अच्छी  होती है। 1gm/kg feed में इसे देना चाहिए। जिससे कि मछली कि पाचन क्रिया अच्छी रहे और मछली की प्रोटीन इंटेक अच्छी रहे। इससे हमारी फिश की ग्रोथ अच्छी होगी।

4.BioRemid-Aqua

अगर आपके pond में नाइट्राइट बन रहा हो, और कंट्रोल ना हो रहा हो, जिससे कि मछली कि मृत्यु दर बढ़ गई हो। तो आपको इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। यह प्रोडक्ट बहुत ही अच्छे रिजल्ट देता है। इसके इस्तेमाल से आपके मछली कि मृत्यु दर सून्य हो जाएगी। और आपको बेहतर परिणाम मिल पाएंगे।

5. Zeolite-

जब भी मिनरल का imbalance होता है, तब जियोलाइट इसको balance करने का काम करता है। आपकी Water Body में जितनी Toxic gases होती हैं, ये उनको अब्सर्वे कर लेता है। अगर आपके पोंड में कोई गंध आ रही है, तो ये उसको खत्म कर देता है। जब भी पोंड में अमोनिया बनने लगे तो आपको इस प्रोडक्ट को जरूर इस्तेमाल करना चाहिए।

6. Himalaya Yucca fresh-

 यह अमोनिया बाइंडर है। हमारे पोंड में जब भी अमोनिया बढ़ती है, तो मछली का मारना शुरू हो जाता है। ऐसे में ये प्रोडक्ट वादान साबित होता है। इसे फीड में 5gm/kg मिला कर देते हैं। ये अमोनिया को फास्ट रिलीव करता है।

7. Kemin enzymes-

यह एक अच्छा एंजाइम प्रोडक्ट है। ये catfish या IMC दोनों के लिए बहुत उपयोगी होता है। यह प्रोडक्ट डाइजेशन के लिए, तथा यूटिलाइजेशन of प्रोटीन के लिए बहुत अच्छा है। आपने देखा होगा कि आपकी मछली ओवर डाइजेशन से मर जाती है, अगर आप इसका इस्तेमाल करेंगे तो इस समस्या से आपको जरूर छुटकारा मिलेगा। इसको 1gm/kg feed में मिला कर देना चाहिए।
दोस्तों कैसे लगी जानकारी, अगर जानकारी पसंद आई हो तो इसे शेयर करना बिल्कुल ना भूलें। अगर इसी जानकारी को वीडियो के रूप में देखना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
                        https://youtu.be/1XRAQ_zZJPY

 

मछली पालन से अगर कमाना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ख्याल

अगर आप मछली पालन कर रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातें आपको अवश्य पता होनी चाहिए । जैसे कि आपको Sampling कैसे करनी है, ग्रेडिंग कैसे करनी है, फर्मेंटेशन कैसे करते हैं, अपने पौंड  का Aeration  कैसे देखना है । यह सब बातें आपको पता होंगी तभी आप एक सफल मछली पालक बन पाएंगे।

दो फ्रेंड्स बने रहिए अपने Blog PvrAqua पर और जानिए मछली पालन से अगर आप कमाना चाहते हैं तो किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है।

1.Pond कैसे बनाएं 

दोस्तों हमें ट्रैक्टर से पोंड बनवाना चाहिए इसके कई फायदे हैं एक तो हमारी लागत कम आएगी जबकि जेसीबी से लागत ज्यादा आती है। पोंड्स में Dicks  का Ratio 3:1 रखना चाहिए। जेसीबी से Pond बनाने में नुकसान यह है की जेसीबी एक ही जगह पर आप की मिट्टी रखती रहती है और जब हम उसमें पानी भरते हैं तो दरारे आ जाती हैं जिससे कि  मेड टूट जाती है। जिसके कारण हमें काफी नुकसान उठाना पड़ता है इसलिए आप कोशिश करें कि Pond हमेशा ट्रैक्टर से ही बनाएं।

2.Seed Stocking के समय ध्यान दें

जब हम Seed Stocking करते हैं तो ध्यान रखें कि count और Weight  दोनों को Biomass  को ध्यान में रखकर करना चाहिए । ऐसा करने से आने वाले समय में यह फायदेमंद साबित होगा। इससे होगा यह कि आप अपना FCR  और Growth  का अनुमान लगा सकते हैं। ध्यान इस पर ने कि बच्चा जब भी स्टॉक करें तो नर्सरी पाउंड में ही करें पुलिस स्टाफ उसके बाद उसको Grow out Pond  में डालें।

3.Grading Net

यह आपको मार्केट से अलग-अलग साइज में मिल जाएंगे जिससे कि आप ग्रेडिंग कर पाओगे। क्योंकि जब भी आप सीट लगाते हो तो वह समान साइज के नहीं होते सीट हमेशा आपको अलग-अलग साइज के मिलते । तो आपको हमेशा एक समान साइज केसीत 1 पौंड में डालने चाहिए ऐसा इसलिए जरूरी होता है क्योंकि Catfish अपने से छोटी मछली को खा जाती है। अगर ऐसा हुआ तो आपको अवश्य ही नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए ग्रेडिंग करना बहुत जरूरी है । आने वाले समय में जब आप Harvesting करेंगे तब  आपकी मछली का साइज समान मिलेगा। तो आप ग्रेडिंग करें और अलग-अलग प्रकार से पोंड में बच्चे डालें जैसे 5-10 ग्राम के 1 पौंड में, 10-15  ग्राम के अलग Pond  मैं,  इसके लिए बाजार में आपको ऐसे ग्रेडिंग Net  मिल जाएंगे।

4.Aerations

दोस्तों मछली पालन में Aeration का महत्वपूर्ण स्थान है, अगर हम पहले स्थान पर यह देखते हैं अगर हम पहले स्थान पर यह देखते है की हमें Feed अच्छा खिलाना चाइये, तो दूसरे स्थान Aeration का नाम आता है। आप Tank में Culture करें या Pond में Aeration हमें बहुत अच्छा देना चाइये। आपके 1 एकड़ में 1HP आपका 500kg Biomass Increase कर  देता है।

अगर आपने 4HP का Aerator लगाया है तो आप minimum २ टन का Production बढ़ा सकते हैं।  Aerator  के बहुत से फायदे हैं, अगर आप Aerator लगेंगे तो Rich oxygen मिलेगी  pond का DO अधिक रहेगा इससे आपकी मछली Stress Free और Healthy रहेगी।

5.Fermentation

इसके 2 तरीके हैं। अलग – अलग culture के लिए अलग -अलग तरीके से आपको Fermentation करना होगा। अगर आप IMC कर रहे हैं तो आपको एक ड्रम में 1kg Probiotics और 10kg पानी लेना होगा। मतलब आपको 1:10 का ratio रखना चाइये।  इसको मिला कर 24 घंटे के लिए इस मिश्रण को aerate कर लेना चाइये।  जिससे कि Fermentation अच्छे से हो जाये। उसके बाद Pond में सामान रूप दाल देना चाइये। Fermentation की प्रक्रिया कब कैसे करनी चाइये इसके लिए आपको जल्द ही नया Topic मिलेगा जिसमे आपको Fermentation की पूरी जानकारी मिलेगी।

6.Netting

ये  जरूरी प्रक्रिया है। आप IMC करें या Catfish करें लेकिन महीने में एक बार इस प्रक्रिया को आवश्यक रूप से करना चाइये। नेटिंग करने से आपको  की performance पता चल जाती है, की मछली बीमार तो नहीं है। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार  पिछले महीने से अब तक कितना Weight Gain  किया है। आपने फीड कितना खिलाया, आपके pond का FCR कितना चल रहा है। ये सब जानकारी आपको नेटिंग में मिल जाती है।

तो दोस्तों ये कुछ बाते हैं जिनको Follow करके आप Maximum Profit उठा सकते हैं। ये छोटी-छोटी बातें हैं लेकिन आपको सफल होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दोस्तों जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर करना न भूलें इसी जानकारी को वीडियो के रूप में देखने की लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।